आइना झूठ बोलता ही नहीं

कृष्णबिहारी नूर फ़रमाते हैं…

ज़िन्दगी से बडी़ सज़ा ही नहीं

और क्या जुर्म है पता ही नहीं

सच घटे या बढे़ तो सच न रहे

झूठ की कोई इंतहा ही नहीं

चाहे सोने के फ़्रेम मे जड़ दो

आइना झूठ बोलता ही नहीं

One Response to “आइना झूठ बोलता ही नहीं”

  1. Devi Nangrani Says:

    बंबई से श्री आर.पी.शर्मा जी का यह कथन भी यही कहता है.

    प्रख़्यात शाइर श्री क्रष्ण बिहारी ‘नूर‘ के एक मशहूर शेर :
    चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो
    आईना झूठ बोलता ही नहीं.

    इस शेर पर मैंने अपनी ओर से तीन मिसरे लगाये हैं:

    “तुम जो चाहो तो ये भी कर देखो
    हर तरह इसका इम्तिहां ले लो
    लाख लालच दो, लाख फुसुलाओ
    चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो
    आईना झूठ बोलता ही नहीं.” Maharishji

    यह तज़्मीन श्री तर्ज़ साहिब को सादर समर्पित है.
    http://charagedil.wordpress.com/

    देवी नागरानी

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